डरावना सपना और एक मीठी कहानी
 
डरावना सपना और एक मीठी कहानी...
हम लोगो की शादी हुए अभी एक ही साल हुआ था, मैं गाँव में अपने ससुराल में, अपने सास ससुर के साथ थी! लेकिन मेरे पति अपनी नौकरी के कारण शहर में थे! मैं जवान थी और 25 साल की थी! मैं अपने परिवार में सभी की देखभाल करती और परिवार में सभी लोगो की चहेती बन चुकी थी!

मेरे पति शहर में एक प्राइवेट कंपनी में क्लर्क (अकाउंटेंट) थे, और एक के किराये के मकान में रहते थे, जो एक कमरे का था! शादी जल्दबाजी में हो जाने के कारण, वो शहर में जल्दी कोई इंतजाम नहीं कर पाए कि, हम दोनों एक साथ रह सके! लेकिन जाने से पहले इस बार वो कह कर गए कि, अगली बार मैं शहर में इंतजाम करके आयूंगा और तुम्हे अपने साथ ले जायूँगा! मैं उनकी याद में मीठे मीठे सपने बुनती, और ना जाने मन ही मन में कितनी सारी कहानिया, मेरे मन के भीतर दौड़ जाती!

मेरी अपने पति से फ़ोन पर अक्सर बात होती, और हम दोनों काफी लम्बी बाते करते! उनसे मिले हुए इस बार, मुझे करीब एक महिना हो गया था, और अब मैं उनसे मिलने के लिये बेताब थी! दिल में बहुत कुछ था! मैं उन्हें प्यार करना चाहती थी, उन्हें छूना चाहती थी, उनसे प्यार पाना चाहती थी! लेकिन क्म्बक्थ ये दूरिया हम दोनों के बीच कांटे की तरह थी! मैं इन दूरियों को मिटा कर उनकी बाहों में सिमट जाना चाहती थी, इन्ही सपनो में खोई, मैं उनकी राह ताकती रहती!

एक बार हम दोनों (मै और मेरे पति) बाइक पर सवार शहर में, मस्ती में घुमते हुए, लॉन्ग ड्राइव पर चले गए कि, अचानक बारिश भी शुरू हो गयी! हम दोनों को बारिश में बाइक पर भीगते हुए बहुत मज़ा आ रहा था! बीच बीच में मै, उन्हें छेड़ भी रही थी कि, अचानक एक गड्ढा आ गया और, बाइक disbalance हो गयी! हम दोनों बाइक से सड़क के किनारे गिर पड़े! सड़क के किनारे काफी कीचड़ भी था!

मैंने जैसे ही अपने पति की और देखा तो मैं डर गयी, उनके चेहरे पर लगी काली कीचड से उनका चेहरा डरावना लगा रहा था! मैं हस पड़ी और, उनके पूछने पर कि क्यूँ हस रही हो? तो मैंने उस समय उनके, लग रहे डरावने चेहरे को शीशे में दिखाया, और वो भी हस पड़े!

हम दोनों ने उपर बारिश की और मुह किया, और मैंने अपने पति के चेहरे से कीचड की सफाई की! सफाई के बाद, उनका पहले डरावना लगता हुआ चेहरा, अब चमक रहा था कि, अचानक वो मेरे पाँव की और देखकर हसने लगे! मेरे पूछने पर अब क्या हुआ? उन्होंने मेरे पाँव की इशारा किया, तो देखा की मेरी सलवार नीचे ने कीचड में काली हो गयी थी, और मेरे पाँव भी बहुत डरवाने लगने लगे! जिससे हम दोनों की हँसी छूट गयी!

किसी की एक आहट और हल्के स्पर्श से, अचानक ही मैं अपने बिस्तर पर उठ बैठी! मेरे पति मेरे पास बैठे थे और मुझे टकटकी लगाये देख रहे थे! मैं अपनी नींद से बाहर आ चुकी थी, और हैरान थी क्यूंकि, इस बार उन्होंने मुझे अपने आने की कोई सूचना नहीं दी थी! वो, मुझे कोई सरप्राइज देना चाहते थे, क्यूंकि आज मेरा जन्मदिन जो था! मैं उनसे लिपट गयी, और उस मीठी कहानी को जिसमे हम दोनों एक दुसरे के डरावने चेहरे पर हस रहे थे, सुनाने लगी! वो भी ठहाके मार मार कर हसने लगे! और बोले कि, तुम्हारा डरावना सपना भी एक मीठी कहानी है!


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