मेरे पति पुरुष वैश्या (जिगोलो)
 
मेरे पति पुरुष वैश्या (जिगोलो)...
अपने 5 साल हँसी ख़ुशी दाम्पत्य जीवन बिताने के बाद, ना जाने किस मनहूस की नज़र हम लोगो की ज़िन्दगी पर पढ़ी, और बात उस मुकाम तक पहुच गयी, जहां एक मिया को अपनी बीवी से अलग होना पड़ता है! जिसे आज हम लोग, तलाक कहते हैं! लेकिन आज हम दोनों फिर से एक सुख का जीवन व्यतीत कर रहे है! शुक्र है भगवान् का कि, सही समय पर मेरे पति को सदबुद्धि मिल गयी, और जो एक खलनायक रूपी पति मेरी ज़िन्दगी में आ गया था, अब वो हमारी ज़िन्दगी का नायक बन चुका है!

मेरी शादी 19 साल की उम्र में एक आर्मी ऑफिसर से हो गयी! उनकी उम्र 26 साल थी और वो एक बहुत ही अच्छे परिवार से थे! उनकी पोस्टिंग उस समय हिमाचल में थी, और हम दोनों की नयी नयी शादी होने की वजह से, हम दोनों ने उस समय हिमाचल में बहुत मस्ती की! ये बात 1997 की है! सभी टूरिस्ट उस समय हिमाचल ही जाते और वहाँ की वादियों का आनंद लेते! हम दोनों भी हिमाचल में 2 साल रहे, और फिर मेरे पति की पोस्टिंग पुणे हो गयी! फिर भी हम दोनों की ज़िन्दगी बहुत मस्ती से गुज़र रही थी!

5 साल बाद 2002 मे, मेरे पति ने फौज से VRS (वोलंटरी रिटायरमेंट स्कीम) ले लिया, और अपना सिक्यूरिटी का काम शुरू कर दिया! उनका काम बहुत ही अच्छा चलने लगा! अब वो अपने काम में इतने व्यस्त रहते कि, कभी कभी तो रात को घर 11 बजे आते! और कभी फ़ोन पर हीकह देते कि, वो अगले दिन आयंगे! हम दोनों का एक बच्चा भी हो गया था! जो 1 साल का था! मैं अपने पति को अपनी ज़िन्दगी का नायक समझती थी, उनपर ऐतबार करना, कभी शक ना करना मेरी आदत थी क्यूंकि, उन्होंने कभी ऐसा कोई गलत काम नहीं किया था! जिससे उनपर शक की कोई गुंजाइश हो!

लेकिन धीरे धीरे हम दोनों के बीच की दूरियाँ बढ़ने लगी, वो मुझसे कटने लगे और हर बात पर मुझे डाटना, गाली गलॊच करना जैसे उनकी कोई आदत हो गयी थी! अब मेरी ज़िन्दगी का नायक एक खलनायक का रूप ले चुका था! मुझे अब उनसे बात करते हुए भी डर लगने लगा था! लेकिन अब मैं उनसे कोई बात करती थी, और घर पर चुपचाप अपना काम करती, और अपने बच्चे की देखभाल करने में व्यस्त रहती थी!

कुछ समय पश्चात मुझे अपनी एक दोस्त से पता लगा कि, मेरे पति पुरुष वैश्या (जिगोलो) का भी काम करते हैं! मुझे यकीन नहीं हुआ, फिर उसने मुझसे किसी डिटेक्टिव को हायर करने की सलाह दी! जो मुझे उनके बारे में सारी जानकारी और फोटोग्राफ लाकर देगा! मैंने मन में सोचा और फैसला किया कि, मुझे ये कदम उठाना ही पडेगा! और अब मैंने एक डिटेक्टिव एजेंसी को आखिर हायर कर ही लिया!

15-20 दिन बाद डिटेक्टिव एजेंसी ने मुझे कुछ फोटोग्राफ्स ला कर दिखाए, और कुछ मेरे पति की, कई औरतो से फ़ोन पर बातें भी सुनवाई! मुझे यकीन नहीं हुआ, और उस बातो ने मुझे और ज्यादा परेशान कर दिया! मैं पागल हो रही थी, अपने घर वालो को बताना ठीक नहीं था! ऐसे में मैंने एक फैसला किया कि, अब मैं अपने पति को ठीक करके ही रहूंगी! अपने फैसले पर अडिग होकर मैंने, वो कठिन राह पकड़ ली, और मजबूती से अपने आप को संभाले, अपने पति की हरकतों पर नज़र रखनी भी शुरू कर दी! इस काम के मुझे लिए किसी एक ऐसे इंसान की ज़रूरत थी, जो मेरे करीब हो, जिसपर मैं यकीन कर सकू! और इसके लिए मेरी माँ से अच्छा इंसान कोई और नहीं हो सकता था! आखिर मैंने अपनी माँ को घर पर बुलाया, और उन्हें अपने पति की हरकतों के बारे में भी बताया! क्यूंकि मेरा बेटा छोटा था, और मैं अपनी माँ को अपने पक्ष में लेकर, किसी और को भी ये बाते नहीं बताना चाहती थी!

एक बार रात को मेरे पति के फ़ोन पर, किसी का फ़ोन आया, और उन्होंने रात को ही किसी अर्जेंट काम का बहाना बनाकर, बाहर जाने को कहा! मैंने भी उन्हें नहीं रोका, और जैसे ही वो निकले, मैं भी उनके पीछे पीछे, उनका पीछा करते हुए निकल पड़ी! वो एक मकान के अंदर चले गये, घर काफी बड़ा था, और उसमे अंदर जाने के लिए एक 10 मीटर का एक लम्बा रास्ता बना हुआ था, दोनों और फूलवारी थी! मैंने भी गेट खोला और चुपचाप अंदर चली गयी! घर का दरवाजा अंदर से बंद नहीं था! शायद वो दरवाजा अन्दर से बंद करना भूल गए थे! तो, मैं भी दबे पाँव अंदर घुस गयी!

अंदर गयी, तो अंदर का नज़ारा कुछ और ही था! मुझे एक कमरे से मेरे पति और 2 औरतो की आवाज़े सुनायी देने लगी! मैं वहीं पर खड़ी होकर बातें सुनने लगी! शायद वो शराब पी रहे थे! मैं एक खम्बे के पीछे चुपचाप खड़ी हो गयी, और अपने को छुपाकर, उन लोगो की बातें सुनने लगी! वो लोग शराब पीते पीते गन्दी गन्दी बाते कर रहे थे और हुस रहे थे! मैं समझ चुकी थी! और अपनी आँखों से ये रासलीला देखना चाहती थी! 15 मिनट्स बाद ये क्या? वो लोग ड्राइंग रूम में आ गए! मेरे पति को उन्होंने एक ब्रा और पेन्टी और एक मुकुट पहना रखा था! अपने आप वो दोनों औरते नंगी थी! ये देखकर मुझे शर्म आ गयी! और अब मेरे पति उनसे पैसे का लेनदेन करने लगे! वो लोग नाचते हुए, शराब पीते हुए 20,000 रुपया एक रात पर राजी हुए! मेरे पति ने 10,000 एडवांस लेकर अपने पास रख लिये!

य़े सब देखकर मैं हैरान थी कि, मेरे पति पुरुष वैश्या (जिगोलो) कब से हो गये? ऐसा लग रहा था कि, वो मेरे वश में नहीं, उन स्त्रियों ने उनका वशीकरण कर लिया हो! मुझे अपने पति को उन स्त्रियों के वशीकरण से बाहर निकालना था, जिसका प्रण, मैं पहले ही कर चुकी थी!

उनकी रास्लीलना शुरू हो इससे पहले अचानक ही मैं एक खलनायिका के रूप में बाहर आयी, मुझे देखते ही मेरे पति जो उन स्त्रियों की ब्रा और पेन्टी में थे, खड़े के खड़े रह गये! वो, दोनो स्त्रिया जोर से चीखी और जोर से मुझ पर चिल्लाई, इससे पहले वो कुछ कहती मैंने उनसे कहा कि, ये मेरे पति हैं और मैं इन्हें लेने आयी हूँ! मेरे पति का सर नीचे हो गया! मैंने उनका हाथ पकड़ा, उन्हें अंदर कमरे में ले जाकर उनके शरीर पर, उनके कपडे डाले! उन्होंने कपडे पहने और मेरे साथ चुपचाप चल दिये! आज वो खलनायक चुपचाप शांत बैठा था, जैसे उसके होठो पर ताले लग गए हो!

हम दोनों घर पहुचे, अपने कमरे में लेटे ही थे कि, मेरे पति ने मेरे पाँव पकडे, और बोले मुझे माफ़ कर दो! शायद तुमने मेरी आँखे खोल दी हैं, मैं भटक गया था! मैं वादा करता हूँ कि, अब कभी तुम्हे किसी शिकायत का मौका नहीं दूंगा! मैंने उनके सर पर हाथ फेरा और कहा ठीक है, और बोली की मैं आज भी तुमसे उतना ही प्यार करती हूँ, जितना शादी के समय करती थी, और उन्हें गले से लगा लिया! मेरे पति की आँखों में आंसू आ गये! मुझे ऐसा लगा जैसे आज, उस खलनायक के अंदर एक नायक आ गया हो! उस रात हम दोनों का स्त्री पुरुष समागम हुआ, और हम दोनों जुड़ गए!

आज हम दोनों फिर से बहुत खुश हैं, मेरे पति अब मुझे और ज्यादा प्यार करते हैं! हम दोनों के अब 2 बच्चे हैं! अपने पति को मैं कभी कभी छेडती भी हूँ, जैसे मुझे भी उसी तरह ब्रा और पेन्टी पहनकर दिखाओ! कम से कम एक बार मेरे साथ भी पुरुष वैश्या (जिगोलो) बनकर तो दिखाओ! वो बेचारे शर्मा जाते है! मेरा नायक जो बीच में एक खलनायक बन चुका था, आज हमारी ज़िन्दगी का फिर से प्यारा सा नायक बन चुका है!


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