मैं अभागन क्या करती
 
मैं अभागन क्या करती...
बात उस समय की है, जब मैं 11 में थी! मेरी ही कॉलोनी में एक लड़का, जिसका नाम राज था! राज देखने में लम्बा, गोरा चिट्टा, एक अच्छी बिल्ट का था! हम दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे! राज एक बहुत ही अच्छा तैराक था! मैं भी उसे बहुत पसंद करती थी! ऱोज शाम को हम लोग मिलते और खूब मस्ती किया करते थे! राज पढाई में ठीक ठाक था, लेकिन खेल में वो सबसे आगे रहता था! स्कूल में भी उसने कई ट्रोफी जीती थी! शायद यही एक कारण था कि, स्कूल में सभी उसे जानते थे, और उसका मेरे घर के नजदीक होना मुझे उसकी और आकृषित करता था!

राज के पढाई में अच्छा ना होने के कारण उसके पिता जी ने उसे एक विडियो लाइब्रेरी खुलवा दी, जो उनके घर में नीचे उनके ही स्कूटर गैराज में थी! अब राज स्कूल से आने के बाद 4 बजे से रात 9 बजे तक अपनी विडियो लाइब्रेरी मे बैठता, और मैं भी शाम को उसकी दुकान में चली जाती! और हम दोनों एक अच्छा टाइम पास करते!

एक बार मुझे अपने परिवार में, किसी की शादी में घरवालो के साथ, 2 दिन के लिये शहर से बाहर जाना पड़ा! उन 2 दिनों मैंने राज को बहुत मिस किया! वापस आने के बाद मैं भी राज से नहीं मिल पायी! और मुझे भी राज 2 दिन से स्कूल में नज़र नहीं आया! और फिर एक दिन मैं, दिन में राज के स्कूटर वाले गैराज में उसकी विडियो लाइब्रेरी में चली गयी, तो देखा राज वहीं पर बैठा था! गर्मियों के दिन थे, उसे देखते ही मेरे लबो पर ख़ुशी आ गयी! हम दोनों बैठे बाते करने लगे! कॉलोनी में कोई नहीं था! राज ने मेरा हाथ पकड़ा और गैराज के अन्दर ले आया, और मुझे किस करने लगा! शायद मैं भी अपने आप पर काबू नहीं रख पायी, और थोड़ी ही देर में राज मेरे बदन के उपर था! हमे देर नहीं लगी और कुछ समय बाद राज मेरे अंदर था!

मुझे मजा आ रहा था, शायद कोई लड़की शुरू शुरू में अपने स्कूल टाइम में लेती है कि, अचानक गैराज का दरवाजा खुला, जो राज ने अंदर से लॉक नहीं किया था! मेरे तो हाथ पाँव ही फूल गये, राज का एक दोस्त उसी समय आ गया और उसने हम दोनों को काम करते हुए देख लिया! देखते ही उसने दरवाजा बंद कर दिया! हम दोनों ने जल्दी से कपडे पहने और मैं वहाँ से जल्दी ही चली गयी! राज का वो दोस्त हमारी ही कॉलोनी में रहता था, लेकिन किसी और स्कूल में पढता था!

दो दिन बाद मुझे, राज का वो दोस्त शाम को कॉलोनी में मिला और हेल्लो किया! मैंने उसकी और नहीं देखा तो, वो मेरे पीछे पीछे चलने लगा! मैं रुकी और उससे पुछा की उसे क्या चाहिए? उसने कहा की अगर मैं तुम्हारे घर वालो को बता दू कि तुम राज के साथ क्या कर रही थी तो? उसने मुझे ब्लैकमेल करना शुरू किया! तो अपनी इज्जत बचाने के लिए मैंने उससे पुछा कि उसे क्या चाहिए? उसका कहना कि, उसे भी बस एक बार.... मेरे मना करने पर उसने मेरे घर पर बताने की धमकी दी! मेरे सामने अब एक मुसीबत का पहाड़ खड़ा था! फिर मेरे पूछने पर कि, क्या surety है कि, एक बार मेरे साथ करने के बाद, तुम मुझे ब्लैकमेल नहीं करोगे? उसने अपनी मा-बाप की कसम खाई! मुझ अभागन के पास अब कोई चारा नहीं था!

मैं उसके साथ चल दी, वो कमीना मुझे एक घर में ले गया, जहां उसने मेरे बदन के साथ खूब खेला! मुझे उसमे कोई मज़ा नहीं आया! कुछ समय बाद पता चला कि, राज ही कमीना है, उसकी वो चाल थी जिसमे मैं अभागन फ़स गयी!


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