मेरी संग की औरत और पति से धोखा
 
मेरी संग की औरत और पति से धोखा...
अपने पति से धोखा खाने के बाद, अब मुझे किसी एक ऐसे इंसान की तलाश थी, जो मुझे समझे और मैं उसे! मुझे बस एक ही इंसान चाहिये था, जो मेरा हो, मेरी केयर करे! मैं भी उसकी केयर करना चाहती थी, और इसके लिए अब मैं एक ऐसे इंसान की तलाश में थी जिसकी उम्र 28 से 42 साल हो क्यूंकि मैं 35 साल की विवाहित नारी थी, और अभी तक मेरी कोई संतान भी नहीं थी!

मेरी कहानी मेरी ज़िन्दगी में बड़ी ही रोचक रही है, और हर तथ्य (घटना) किसी ना किसी बात से जुडी है! मेरा पति मेरे ही संग की औरतो के साथ फ़्लर्ट करता रहा, जिसका मुझे उन्होंने भी नहीं बताया, और मेरे संग की वो औरतो भी, किसी से कम नहीं थी, उन्हें भी उसके साथ रंग रलिया मनाने में मज़ा आ रहा था! जब मुझे ये बात पता चली तो मैंने, खुद ही अपने संग की औरतो पर नज़रे रखनी शुरू कर दी!

बात उस समय की है, जब मैं और मेरे पति के बीच बहुत प्यार हुआ करता था! हम दोनों की लव मैरिज थी और हम दोनों एक दुसरे से पूरे खुले थे, दिल में कुछ नहीं रखते थे और एक दुसरे को सब कुछ बता देते थे, शायद इसी कारण हम दोनों के बीच इतना प्यार था! हम दोनों एक दुसरे के दिल की आवाज़ सुन सकते थे! हम दोनों अलग अलग कंपनी में काम करते थे! एक अच्छी बात हम दोनों की थी कि, मेरे पति को खाना बनाना भी आता था! तो अगर किसी दिन मेरा खाना बनाने का मूड नहीं होता तो, उस दिन वो रसोई संभाल लेते!

मेरे घर में मेरी संग की औरतो का भी आना लगा रहता, मेरे पति भी उनसे बाते करते और बहुत मजाक किया करते! मुझे भी अच्छा लगता, लेकिन ना जाने कब मेरे पति ने, मेरी उन सहेलियो से आँख मिचोली खेलनी शुरू कर दी! और धीरे वो मुझसे कभी कभी बाते भी छुपाने लगे! मुझे कोई अंदेशा नहीं था! और अब उनका मेरी संग की औरतो के घर अकेले जाना भी शुरू हो गया, जिसका मुझे पता भी नहीं चला! और जब पता चला तो, मेरे गले से बात नहीं उतर पायी! लेकिन तब तक देर हो चुकी थी! मेरे पति और मेरे संग की कई औरतो के जिस्मानी रिश्ते बन चुके थे!

मुझे मेरे पति से घ्रणा हॊने लगी थी! मुझे उनकी कोई बात अच्छी नहीं लगती थी! पहले हम लोग एक दुसरे से दिल से बात करते थे, लेकिन अब दिल से निकली हर बात एक कटाक्ष की तरह चुभती थी! मैं अपने दिल में किसी के लिए कोई गलत बात या पाप नहीं रखती थी! लेकिन अब सिर्फ मेरे पति ही ऐसे थे, जिसके लिए कोई पाप तो नहीं, लेकिन दिल में घ्रणा रखना जरूरी हो गया था! हम दोनों अब कोई अच्छी बाते नहीं, बल्कि एक दुसरे पर कटाक्ष करते! पहले मुझे कोई भी गलत बात कहने में शर्म आती थी, लेकिन अब वो शर्म जा चुकी थी! क्यूंकि अब दिल में दर्द था, जो दर्द मुझे अपने पति से मिला था! और उस दर्द की दवा अब मैंने भी (एक पार्टनर) खोजनी शुरू कर दी थी!

आखिर मुझे इस दर्द की दवा भी मिल गयी, जब मुझे एक ऐसा इंसान जो मुझसे 4 साल छोटा यानी 31 साल का एक लड़का मिला! जो तलाकशुदा था और किसी को ढूंढ रहा था! हम दोनों मिले, एक दुसरे को फ़ोन नो. दिए, और फ़ोन पर हम दोनों की बाते शुरू हो गयी! हम दोनों एक दुसरे से मिलते, एक दुसरे को सुनते और ज़िन्दगी बिताने लगे! हम दोनों के बीच कुछ अच्छी बाते, चुटकुले (गन्दे, अच्छे दोनो) चलते! हम दोनों अब एक दुसरे को समझने लगे थे! मुझे एक ऐसे ही इंसान की आवश्कता थी, जो दिल में प्यार के सिवा कुछ ना रखता हो! उसके दिल से बस प्यार प्यार और प्यार ही निकले! जो अपने काम में निपुण हो, मैं उसकी और वो मेरी केयर करे! शायद वो इंसान मैंने अब उस राजेश की आँखों में देख लिया था!

हम दोनों मिलते रहे, एक दुसरे को समझते रहे और धीरे धीरे एक दुसरे के करीब आ गये! हम दोनों अब इतने करीब आ गए थे कि एक दुसरे को देखे बिना जीना, मुश्किल होने लगा! लेकिन हम दोनों कुछ नहीं कर सकते थे! और हम फिर दोनों ने एक बार कहीं शहर से बाहर जाने का प्लान किया! मैंने अपने पति से कहा की मैं अपनी एक दोस्त के साथ 2 दिन के लिए शहर से बाहर जा रही हूँ, उत्तर मिला ठीक है! हम दोनों एक ही दिन के लिए गये, और एक दिन बाद जब मैं, बिना बताये घर वापस आयी तो दंग रह गयी! मेरा पति मेरे की संग की 3 औरत के साथ नंगा नाच कर रहा था! उसको भी मज़ा आ रहा था! मुझे शर्म आ गयी! मैं अन्दर आयी और अपने संग की औरतो से बात की और कहा कि, तुम्हे शर्म आनी चाहिये! तुम इस इंसान के साथ पता नहीं कब से ऐसा नंगा नाच कर रही हो!

इतना कह कर मैं अपने कमरे में चली गयी, और अब अपने पति से तलाक लेने से का फैसला कर लिया! एक डेढ़ साल में हम दोनों को तलाक मिल गया, और मैंने अब अपने उस नए बॉयफ्रेंड राजेश से शादी कर ली! हम दोनों की शादी हुए 2 साल हो चुके हैं, और अब मेरा एक बच्चा भी है! हम दोनों अब अपनी नयी ज़िन्दगी में बहुत खुश हैं!


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